असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का खतरा,हाई अलर्ट

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चीन ने सांगपो नदी में बढ़ते जलस्तर को लेकर भारत को सतर्क किया है क्योंकि इससे निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है। यह जानकारी गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश के सांसद निनोंग एरिंग ने दी। चीन में सांगपो के नाम से जानी जाने वाली इस नदी को अरुणाचल प्रदेश में सियांग तथा असम में ब्रह्मपुत्र कहा जाता है। एरिंग ने बताया कि चीन में भारी बारिश के चलते सांगपो नदी में उफान के बाद बीजिंग ने भारत को अलर्ट जारी किया है।

उन्होंने कहा, स्थानीय अधिकारियों ने मुझे बताया कि चीन सरकार ने भारत सरकार से कहा है कि अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों में बाढ़ आने की आशंका है। हमने अलर्ट को गंभीरता से लिया है और लोगों को आगाह किया है।’ चीन सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार सांगपो/ब्रह्मपुत्र नदी में 9020 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। चीन की इस चेतावनी को देखते हुए असम में डिब्रूगढ़ के अफसरों को जिला मुख्यालय न छोड़ने की हिदायत दी है।

केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक चीन में 150 साल के इतिहास में सांगपो नदी ने अप्रत्याशित रूप दिखाया है। इसीलिए चीन ने खतरे की जानकारी भारत के साथ साझा की है। सांसद ईरिंग ने बताया है कि चीन में भारी बारिश के चलते सांगपो नदी में बाढ़ आ गई है। इस सूचना को प्रदेश प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। चीन सरकार की बुधवार को आई रिपोर्ट के अनुसार सांगपो में 9020 क्यूमेक (क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड) पानी छोड़ा गया है जो कुछ ही दिनों में अरुणाचल प्रदेश और उसके बाद असम पहुंच जाएगा।

जानकारी के मुताबिक इस साल यह पहली बार है, जब चीन ने भारत के साथ नदी का ब्योरा साझा करना शुरू किया है। चीन 15 मई से ब्यौरा साझा करना शुरू किया था, जबकि सतलुज नदी से संबंधित ब्योरा एक जून से साझा करना शुरू किया। दोनों पक्षों द्वारा इस साल मार्च में मुद्दे पर वार्ता के बाद ब्योरा साझा करने की शुरुआत हुई।

पिछले साल चीन ने कहा था कि बाढ़ की वजह से पानी एकत्र करने वाले स्थल नष्ट हो गये। यह ऐसे समय हुआ था, जब मानसून के दौरान भारत और चीन के बीच 73 दिन तक डोकलाम गतिरोध चला था। आपको बता दें कि ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत से शुरू होती है और फिर अरुणाचल प्रदेश पहुंचती है, जहां इसे सियांग कहा जाता है। इसके बाद यह असम पहुंचकर ब्रह्मपुत्र हो जाती है तथा फिर बांग्लादेश के जरिये बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।

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