सरकार अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक प्रगति के लिये प्रयासरत : राष्ट्रपति कोविंद.

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नई दिल्ली, । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को कहा कि सरकार हुनरमंद करीगरों को
रोजगार के अवसर प्रदान कर और मुस्लिम छात्राओं को बड़ी संख्या में छात्रवृत्ति एवं निर्बाध शिक्षा को बढ़ावा देकर
अल्पसंख्यकों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक प्रगति के लिये प्रयासरत है। कोविंद ने बजट सत्र के पहले दिन
संसद के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में कहा, ‘‘ सरकार अल्पसंख्यक वर्ग
की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक प्रगति के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। हुनर हाट के जरिए अल्पसंख्यक वर्ग
के 2 लाख 65 हजार हुनरमंद कारीगरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि मुस्लिम
छात्र-छात्राओं की शिक्षा निर्बाध तौर पर जारी रहे, इसके लिए बड़ी तादाद में छात्रवृत्ति दी गयी है। राष्ट्रपति ने कहा

कि सरकार के विशेष आग्रह पर सउदी अरब ने हज कोटे में अभूतपूर्व वृद्धि की थी जिस वजह से इस बार रिकार्ड
2 लाख भारतीय मुस्लिमों ने हज में इबादत की। उन्होंने कहा, ‘‘ भारत पहला ऐसा देश है जिसमें हज की पूरी
प्रक्रिया डिजिटल और ऑनलाइन की जा चुकी है। सरकार देशभर में वक्फ संपत्तियों का शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन
भी करा रही है जिससे इन संपत्तियों का उपयोग मुस्लिम समुदाय के भले के लिए किया जा सके।’’ दिव्यांगजनों का
उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों की आशाओं-अपेक्षाओं के प्रति पूरी संवेदनशीलता के
साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरक्षण में वृद्धि, कानूनी अधिकार में वृद्धि के साथ ही सरकार ने
एक हजार से ज्यादा सरकारी भवनों और 700 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों को सुगम्य बनाया है। बीते 5 वर्षों में
हजारों कैंप लगाकर दिव्यांगजनों को लगभग 900 करोड़ रुपए के उपकरण उपलब्ध कराये गए। सरकार द्वारा
दिव्यांगजनों का नेशनल डेटाबेस भी बनाया जा रहा है ।कोविंद ने कहा कि उन्हें यह जानकारी देते हुए प्रसन्नता हो
रही है कि 6 हजार शब्दों की एक विशेष डिक्शनरी बनाई जा चुकी है।

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