देश के किसी भी हिस्से के हालात बिगड़ने नहीं दिये जायेंगे : मोदी

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर के कुछ बड़े नेताओं की गिरफ्तारी को जायज
ठहराते हुये गुरुवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर सहित देश के किसी भी हिस्से के हालात बिगड़ने की इजाजत नहीं
दी जा सकती। श्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते
हुये कहा, “कश्मीर में जिनको सिर्फ जमीन दिखती है, वह उनकी बौद्धिक दरिद्रता का परिचायक है। कश्मीर भारत
का मुकुटमणि है। कश्मीर की पहचान बम, बंदूक और अलगाववाद की बना दी गई थी। उन्नीस जनवरी 1990
(जिस दिन लाखों हिंदुओं को कश्मीर घाटी से भागना पड़ा था) की काली रात को कुछ लोगों ने कश्मीर की पहचान
को दफना दिया था। कश्मीर की पहचान सूफी परंपरा और सर्व पंथ समभाव की है।” उन्होंने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
की महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला तथा फारुक अब्दुल्ला के पूर्व में दिये गये बयानों का
जिक्र करते हुये कहा कि इस तरह की मानसिकता स्वीकार्य नहीं है। उनके बयानों से साफ है कि उन्हें कश्मीर की
जनता पर विश्वास नहीं था। उन्होंने कहा, “ये वे लोग हैं जिनको कश्मीर की आवाम पर भरोसा नहीं है। हमने
कश्मीर की आवाम पर भरोसा किया और अनुच्छेद 370 हटाया। अब जम्मू-कश्मीर में तेजी से विकास हो रहा है।”
प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि देश कि किसी भी हिस्से के हालात बिगड़ने नहीं दिये जायेंगे, चाहे वह जम्मू-
कश्मीर हो या पूर्वोत्तर के राज्य हों। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए समर्पित है।
लद्दाख के बारे में श्री मोदी ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्रशासित प्रदेश बनाये गये लद्दाख को
कार्बन निरपेक्ष बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सिक्किम ने ऑर्गेनिक राज्य के रूप में अपनी पहचान बनायी है।
लद्दाख की सीमा से लगे पड़ोसी देश भूटान की पहचान दुनिया में कार्बन निरपेक्ष राज्य के रूप में बनी है। उनकी
इच्छा है कि लद्दाख भी कार्बन निरपेक्ष बने। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह लद्दाख जायेंगे तो इस दिशा में
रोडमैप बनाने का काम करेंगे।

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