कोरोना वायरस : रास में सदस्यों ने की सरकार से सभी ऐहतियाती कदम उठाने की मांग.

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नई दिल्ली, । विभिन्न देशों में फैल रहे कोरोना वायरस के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए
राज्यसभा में मंगलवार को विभिन्न दलों सदस्यों ने सरकार से एक आपात प्रकोष्ठ और एक कार्यबल बनाने तथा
अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखने सहित सभी ऐहतियाती उपाय करने की मांग की। भाजपा के डॉ. विकास महात्मे
ने शून्यकाल के दौरान कोरोना वायरस का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस वायरस का प्रकोप चीन से शुरू हुआ
और तेजी से दुनिया के विभिन्न देशों में फैल रहा है। चीन में 250 से अधिक लोगों की जान इस वायरस के
संक्रमण की वजह से जा चुकी है। डॉ. महात्मे ने कहा कि भारत के केरल राज्य में कोरोना वायरस के तीन मामलों
की पुष्टि हो चुकी है और देश की राजधानी दिल्ली में स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इसके 12 संदिग्ध
मरीजों का इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए कई कदम
उठाए हैं लेकिन स्थिति को देखते हुए एक आपात प्रकोष्ठ बनाया जाना चाहिए। डॉ. महात्मे ने कहा ‘‘पिछले साल
निपह वायरस और उससे पहले सार्स वायरस का संक्रमण फैला था। इस बार कोरोना वायरस का कहर है। एक
आपात प्रकोष्ठ बनाया जाना चाहिए जो इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए न केवल रणनीति या समुचित
योजना बनाए बल्कि आवश्यक दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था करने में भी उसकी भूमिका होनी चाहिए।’’साथ ही
डॉ. महात्मे ने विदेश से आने वाले लोगों की गहन जांच किए जाने की मांग भी की। कांग्रेस के डॉ. टी सुब्बीरामी
रेड्डी ने इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध करते हुए कहा ‘‘दुनिया भर में करीब 15000 लोगों से ज्यादा लोगों को
अपना मरीज बना चुके कोरोना वायरस का खतरा भारत में भी बना हुआ है। इससे निपटने के लिए योजना बना
कर समयबद्ध तरीके से काम करना होगा।’’ डॉ. रेड्डी ने मांग की कि सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा जाए
और एक कार्यबल बनाया जाए तो कोरोना वायरस से संबंधित सभी पहलुओं पर विचार करे। भाकपा के विनय

विश्वम ने इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध करते हुए कहा ‘‘समय रहते आवश्यक कदम उठाना जरूरी है अन्यथा
भारत जैसी बड़ी आबादी वाले देश में हालात काबू करना मुश्किल हो जाएगा।

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