कांग्रेस दिल्ली की सभी सातों सीटों पर अकेले लड़ेगी चुनाव

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कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के बीच सियासी गठजोड़ की संभावनाओं पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है। पहले ऐसा माना जा रहा था कि, कांग्रेस दिल्ली में सात में से आप के लिए दो सीटें छोड़ सकती थी। लेकिन अब ऐसा होने की संभावनाएं कम होती दिख रही हैं। सामने आ रही खबरों के मुताबिक अगामी लोकसभा चुनाव में सातों सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। वहीं ऐसी ही संकेत आम आदमी पार्टी के ओर से भी सामने आए हैं।

कांग्रेस ने आप पर आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी बीजेपी के साथ हाथ मिला रही है। उसके सभी कदम भारतीय जनता पार्टी को लाभान्वित करने वाले हैं। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने हाल ही में आप के खिलाफ ट्वीट करके कहा था, यदि कांग्रेस ने यही तर्क अपनाते हुए 2013 में ‘आप’ को बिना मांगे समर्थन न दिया होता तो दिल्ली में भाजपा सरकार बना लेती और ‘आप’ एक इतिहास बन गई होती।

उन्होंने आगे कि , हमारे सहयोग से बनी सरकार ने हमारे खिलाफी ही झूठ फैलाना शुरू कर दिया, हमारे नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दीं। और बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने के लिए आप ने हमारे मौजूदा सांसदो के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ राज्यसभा के सभापति को दिए गए महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस पर भी ‘आप’ के सदस्यों ने हस्ताक्षर नहीं किए थे और इस तरह भाजपा की मदद की थी। इसके अलावा उन्होंने पूछा कि ‘आप’ लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ दिल्ली में उम्मीदवारों को खड़ा करके भाजपा की मदद क्यों करती रही है।

कांग्रेस दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष अजय माकन, संदीप दीक्षित, महाबल मिश्रा, जे पी अग्रवाल, कपिल सिब्बल, सज्जन कुमार या उनके परिवार के किसी सदस्यों को टिकट दिए जाएंगे। चूंकि कृष्णा तीरथ बीजेपी में शामिल हो गई हैं इसलिए उस सीट पार्टी किसी अन्य नेता को टिकट दे सकती है। सज्जन कुमार आगामी लोकसभा चुनाव में अपने बेटे को लोकसभा की टिकट देने की तैयारी में हैं। हालांकि उनका बेटा पिछले दो विधानसभा चुनावों में हार चुका है। वहीं की एक मात्र रिजर्व सीट के लिए राजकुमार चौहान का सामने आ रहा है। राजकुमार शीला दीक्षित की सरकार में मंत्री रह चुके हैं।

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