एनडीआरफ के संस्थापक समेत उत्तराखंड केंद्र को सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार.

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नई दिल्ली, । उत्तराखंड के आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र और भारतीय पुलिस सेवा
अधिकारी के एम सिंह को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सुभाष चंद्र बोस आपदा
प्रबंधन पुरस्कार के लिए चुना गया है। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को यह घोषणा की। प्राकृतिक आपदा राहत के क्षेत्र
में कार्य करने वाले उत्तराखंड के आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र को संस्थान की श्रेणी में पुरस्कार स्वरूप एक
प्रमाण पत्र और 51 लाख रुपए दिए जाएंगे। उसी क्षेत्र में व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित सिंह को एक प्रमाण पत्र
सहित पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार देश में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र
में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों और व्यक्तियों को यह पुरस्कार दिया जाता है। प्रति वर्ष 23 जनवरी को
सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर इस पुरस्कार की घोषणा की जाती है। इस वर्ष पुरस्कार प्रदान करने की
योजना को अधिक लोकप्रियता मिली और पुरस्कारों के लिए नामांकन पिछले साल एक अगस्त से शुरू हुआ। गत
वर्ष गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की आठवीं बटालियन को यह पुरस्कार दिया गया
था। उत्तराखंड का आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र उत्तराखंड सरकार के अधीन राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
का कामकाज देखता है। केंद्र की स्थापना 2006 में हुई थी जिसके बाद उसने 2010, 2012 और 2013 में
आई आपदाओं समेत कई बड़ी आपदाओं के बाद आपदा प्रबंधन संबंधित उल्लेखनीय कार्य किए हैं। एम के सिंह को
भारतीय महासागर में 2004 में आई सुनामी के दौरान उनके प्रशंसनीय कार्य के लिए 2005 में राष्ट्रीय आपदा
प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) का संस्थापक सदस्य नियुक्त किया गया था। एनडीएमए में सिंह की कड़ी मेहनत
के फलस्वरूप प्राकृतिक आपदा के प्रभावों से निपटने लिए “राष्ट्रीय आपदा मोचन बल” (एनडीआरएफ) नामक एक
विशेष बल का गठन किया गया जिसकी बारह बटालियनों में आज चौदह हजार कर्मी कार्य करते हैं। सिंह के
निर्देशन में 2008 में कोसी नदी में आई बाढ़ के दौरान एनडीआरएफ ने उल्लेखनीय कार्य किया था।

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