झारखंड में मोदी का कश्मीर कार्ड, ‘एक आदिवासी IAS को सौंपा जम्मू-कश्मीर का जिम्मा’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को झारखंड के खूंटी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 अब हट चुका है. अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर को विकास और विश्वास के पथ पर ले जाने की जिम्मेदारी आदिवासी अंचल में ही जन्मे, पले-बढ़े, उपराज्यपाल जी के कंधे पर है.

झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर को आदिवासी समुदाय से जोड़ते हुए बड़ा दांव चला है. पीएम मोदी ने मंगलवार को खूंटी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 अब हट चुका है. अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर को विकास और विश्वास के पथ पर ले जाने की जिम्मेदारी आदिवासी अंचल में ही जन्मे, पले-बढ़े, उपराज्यपाल जी के कंधे पर है.

बता दें कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, राज्य को दो हिस्सों में बांटने के बाद जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में तब्दील कर दिया है, जहां के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मु हैं. मुर्मू 1985 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं. ओडिशा में आदिवासी बहुल इलाके में जन्मे मुर्मू को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी है, जिनके कंधों पर राज्य की विकास की जिम्मेदारी है. इसी के मद्देनजर पीएम मोदी ने झारखंड में कश्मीर का दांव चला है.

झारखंड में 30 फीसदी के करीब आदिवासी मतदाता हैं. पीएम मोदी दूसरे चरण की खूंटी विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी निलकंठ मुंडा के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान पीएम ने आदिवासी समुदाय को लुभाने के लिए कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के नाम का सहारा लिया.

पीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 अब हट चुका है. अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर को विकास और विश्वास के पथ पर ले जाने की जिम्मेदारी आदिवासी अंचल में ही जन्मे, पले-बढ़े, उपराज्यपाल जी के कंधे पर है. पीएम ने कहा कि झारखंड के हर व्यक्ति को केंद्र और झारखंड सरकार की किसी ना किसी योजना का सीधा लाभ पहुंच रहा है. बिना किसी वर्ग के भेदभाव के, बिना किसी जाति के भेदभाव के, बिना किसी पंथ के भेदभाव, हर झारखंड वासी के विकास के लिए समान भावना से हम काम कर रहे हैं.

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